स्वर्णिम भारत के विकास के लिए पहले करनी होगी मन की सफाई

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रादौर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय बुबका रोड में एक कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र से लगभग सैकडों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विश्वविद्यालय की संचालिका बीके राज बहन ने कहा कि स्वर्णिम भारत निर्माण के लिए करें मन की सफाई बहुत जरूरी है। यदि हमेंकरना है तो पहले हमें मन की सफाई करनी होगी। क्रोध, मोह तथा ईष्र्या रूपी मैेल ने हमारी आत्मा को मैला कर दिया है। हमें अपनी आत्मा से इस कचरे को डिलीट करना होगा। तभी हम परमात्मा से जुड पाएंगे। फिर हम चार्ज हो जांएगे। हमारा जो मांगने का भाव है। वह देने के भाव में बदल जाएगा। हम शांति का अनुभव करेंगे, अपने भीत्तर सौन्दर्य महसुस करेंगे। हम दैवीय हो जाएंगे। आत्मा के परमात्मा से जुडने को ही हम राजयोग कहते है। जीवन में कभी परेशान, कभी दुखी, कभी फिर खुश इस तरह से ऊपर नीचे होते रहते है। शायद ही केाई ऐसा जिसके चेहरे पर हमेशा एक ही भाव बना रहे।

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