बागवानी किसानों के फसलों के रजिस्टे्रशन की अवधी हुई 31 मई

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यमुनानगर हलचल। उपायुक्त मुकुल कुमार ने बताया कि नोवेल कोरोना वायरस की स्थित को ध्यान में रखते हुए बागवानी किसानों के (सब्जी व फल उत्पादक) के जोखिम को कम करने के लिए सरकार द्वारा इस वर्ष भावन्तर भरवाई योजना के तहत टमाटर, प्याज, भिण्डी, घीया, तौरी, बैंगन, शिमला मिर्च, हरी मिर्च व आम के उत्पादन करने वाले किसानों की फसलों के रजिस्टे्रशन की अवधी 31 मई 2020 तक बढा दी गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उदेश्य सब्जी व फल उत्पादक किसानों के जोखिम को कम करना है ताकि किसान को कम से कम उसका लागत मूल्य मिल सके। यदि मण्डी में उसकी फसल निर्धारण रेट (जैसे टमाटर 500 रू0 प्रति क्विंटल, प्याज 650 रू0 प्रति क्विंटल, भिण्डी 1050 रू0 प्रति क्विंटल, घीया 450 रू0 प्रति क्विंटल, करेला 1350 रू0 प्रति क्विंटल, बैंगन 500 रू0 प्रति क्विंटल, शिमला मिर्च 900 रू0 प्रति क्विंटल, हरी मिर्च 950 रू0 प्रति क्विंटल व आम 1950 रू0 प्रति क्विंटल) से कम बिकता है तो किसान के कम रेट के अन्तर को सरकार द्वारा पूरा किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान को अपनी फसल का पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के लिए किसान को अपने आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या की फोटो प्रति व खेत का किल्ला/खसरा नं0, तथा मोबाईल नं0 देना होगा। पंजीकरण हेतु उद्यान विभाग के कर्मचारियों की ब्लॉक वाईज डयूटी लगाई गई है। इसके अतिरिक्त किसान सरल केन्द्र, अटल सेवा केन्द, मार्किट कमेटी एवं स्वयं भी अपने स्मार्ट फोन से पंजीकरण हेतु चलाई गई वैबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट फसलएचआरवाई डॉट आईएन पर पंजीकरण करा सकते है। इसके अतिरिक्त यदि किसान अपनी फसल मण्डी में बचने के लिए जा रह है और उसने अभी तक पंजीकरण नही करवाया व किसान अपना उत्पाद मण्डी मे बेचने से पहले मण्डी गेट पर भी पंजीकरण करा सकता है।
जिला उद्यान अधिकारी रमेश पाल सैनी ने बताया कि किसानों को इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसान ने उपरोक्त फसलों में से कोई भी फसल चाहे अपनी भूमि पर लगाई हो या ठेके पर व लीज पर जितने भी एकड़ में लगाई हो, वह पंजीकरण कर सकता है। योजना का लाभ किसान निर्धारित अवधी में भिण्डी, मिर्च, शिमला मिर्च व करेला 15 अपै्रल से 30 जून तथा प्याज अप्रैल-मई, टमाटर अप्रैल से जून व आम 15 जून से 31 अगस्त तक मण्डी मे बेचेगा तथा जे फार्म कटवाएगा। उन्होंने बताया कि उस दिन मण्डी मे फसल के भाव में जो अन्तर होगा जोन वाईज मण्डी के औसत को निकालकर जो अन्तर होगा वह किसान के खाते में चला जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए अधिक से अधिक किसान अपनी फसल का पंजीकरण निर्धारित अवधि मे अवश्य करवाए। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक संख्या में किसान अपनी फसल का पंजीकरण करवाकर सरकार द्वारा चलाई जा रही किसानों के हित की योजना का लाभ उठाएं।

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