यदि संस्कृतज्ञ नहीं होंगे तो विद्वता कहां से आएगी…..

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यमुनानगर।  हिंदू गर्ल्स कॉलेज के सभागार में संस्कृत भाषा पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉक्टर उज्जवल शर्मा ने संस्कृत विभाग की प्रोफसर व प्राच्य विद्या संस्थान की निर्देशिका डा विभा अग्रवाल का स्वागत करते हुए उनके व्याख्यान के महत्व को चिंहि़त किया।
प्राचार्य ने छात्राओं को संबोधित करते हुए सभी को अपनी भारतीय संस्कृति के सरंक्षण की प्रेरणा दी। डा विभा अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में इस बात पर बल देते हुए कहा कि धर्म और संस्कृति एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने इसके संरक्षण में संस्कृत की अनिवार्यता को भी परिचित करवाया। उन्होंने मनुस्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति, महाभारत, रामायण, पंचतंत्र, हितोपदेश,, श्रीमद भगवत गीता के माध्यम से ज्ञान वर्धक व्याख्यान पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए पठल की आवश्यकता है। यदि संस्कृतज्ञ नहीं होंगे तो विद्वता कहां से आएगी। अत:संस्कृत भाषा को समृद्ध बनाने के लिए हमें इस भाषा की समदता को सुरक्षित रखना होगा। प्राचार्या ने कार्यक्रम की सफलता पर संस्कृत विभाग की आचार्या डा स्वाति गेरा को बधाई दी।

 

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