उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत उपभोक्ताओं को अनेकों अधिकार किए गए है प्रदान

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ग्रामीण उपभोक्ताओं के शोषण का मुख्य कारण उनका अज्ञान है
यमुनानगर। उपायुक्त आमना तस्नीम ने उपभोक्ताओं का आह्वान किया है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो, उपभोक्ता अपने अधिकारो को पहचाने और उनका उपयोग करें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत उपभोक्ताओं को अनेकों अधिकार प्रदान किए गए है । उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं विशेषकर ग्रामीण उपभोक्ताओं के शोषण का मुख्य कारण उनका अज्ञान है। उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जानकारी होनी चाहिए और साथ ही उनका उपयोग भी करना आना चाहिए, तभी उपभोक्ता संरक्षण आंदोलन वास्तविक अर्थों में सफल हो सकता है।  उपभोक्ता अधिकारों के बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त आमना तस्नीम ने बताया कि उपभोक्ताओं को जीवन तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुओं से सुरक्षा का अधिकार, वस्तुओं की गुणवत्ता, मात्रा, क्षमता, शुद्धता, मानक और मूल्य के बारे में सूचित किए जाने का अधिकार, उचित मूल्य पर संतोषजनक गुणवत्ता वाली वस्तुएं तथा सेवाओं का चयन करने का अधिकार, व्यापार पद्वतियों अथवा उपभोक्ताओं के अनैतिक शोषण के विरूद्ध क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकार तथा जीवनपर्यन्त एक जानकार उपभोक्ता बने रहने के लिए उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार आदि उपभोक्ता अधिकार प्राप्त है।
उपायुक्त आमना तस्नीम ने उपभोक्ताओं को हमेशा जागरूक बने रहने की सलाह दी और उपभोक्ता को ग्राहक के रूप में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने, गोल्ड हॉलमार्क लगा हुआ सोना ही खरीदने, आईएसआई मार्का प्रमाणित सामान खरीदने, ग्राहक के रूप में राष्ट्रीय, राजकीय, जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा अपनी शिकायतों पर न्यायोचित सुनवाई की मांग करने, बीईई लेबल के ही बिजली उपकरण खरीदने, वस्तुओं को ध्यान से जांच कर खरीदने, मुद्रित रसीद की मांग करने व एम.आर.पी. से ज्यादा राशि अदा न करने आदि की जिद करनी चाहिए। उन्होंने उपभोक्ताओं को सलाह दी कि वे हमेशा उक्त जिद करे और जागरूक ग्राहक बने। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता समस्या के समाधान हेतू राज्य उपभोक्ता हैल्प लाईन, हरियाणा के टोल फ्री नम्बर 1800-180-2087 पर प्रत्येक कार्य दिवस को प्रात: 9 बजे से सांय 5 बजे तक सम्पर्क किया जा सकता है।

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