सुघ माजरी के लोगों को स्वच्छता के प्रति किया जागरूक

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यमुनानगर। ग्राम पंचायत सुघ माजरी छछरौली में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तहत स्वच्छता जागरूकता बारे बताते हुये खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी जोगेश कुमार व्  ज़िला परियोजना प्रबंधक बलिंद्र कटारिया ने कहा कि अपने आस.पास के क्षेत्र में गदंगी न फैलाने बारे बताया गया की स्वच्छता सब बीमारियों की दवाई है जिसको जीवन में अपनाना हर व्यक्ति का कर्तव्य बनता है आज स्वच्छता सन्देश को हर व्यक्ति तक पहुंचाना जरुरी है हर जागरूक व्यक्ति की जिमेवारी बनती है वह स्वमं स्वच्छता के प्रति जागरूक हो व् दुसरो को भी प्रेरित करे आज स्वच्छता समय की मांग है।इस दौरान सफाई अभियान भी चलाया गया। खंड समन्वयक  मुकेश देवी ने बताया सरकार का मुख्य उद्देश्य जन जन तक स्वच्छता की अलख जगाने की है आज हमारे सामने अनेक समस्यां है उनमें गंदगी सबसे बड़ी है जिसको जागरूकता के माध्य्म से दूर किया जा सकता है व् कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए जागरूक किया व् बताया कि जैविक खाद घर में बचे हुए गलनशील कचरे से तयार की जा सकती जिसको लोग इधर उधर फेक देते है वर्मी कम्पोस्ट खाद में जमींन को उपजाऊ बनाने की शक्ति होती है जो निरंतर शक्ति प्रदान करती है आज समय आ गया हम विज्ञानं का भरपूर फ़ायदा उठाते हुए जैविक खाद बनायें  द्वारा मौके पर ग्रामिणो  को स्वच्छता के विभिन्न टूलों को अपनाते हुए बताया कि किस प्रकार हम अपने.अपने घरो का तरल एवं ठोस कचरा खुले मे अव्यस्थित स्थानो पर डालते हैए जिससे बहुत सी भयानक बिमारिया जन्म लेती है। मौके पर बच्चों व लोगो को यह भी बताया गया कि सेफटिक टैंक वाले शौचालयो से निकलने वाला काला पानी व् रसोई नहाने इत्यादि में प्रयोग प्रयोग किए जाने वाला गंदे पानी के नुकसानों  बारे बताया कि किस प्रकार बिमारियो को न्यौता दे रहा है जिससे हम तो बिमार होते ही है साथ ही साथ अन्य लोगों भी बिमार हो रहे हैए गन्दगी के कारण अधिकतर बिमारियां जैसे हैजा उल्टी पोलियो पीलिया दस्त डायरिया अदि होती है।गांव में गंदगी सभी बिमारियो की जड़ है व इसके कारण गांव में तनाव व झगडे भी पनपते हैए जिससे गांव का विकास बाघ्य होता है व जिससे अधिक्तर समय आपस की लडाई मे गुजर जाता है व तनाव भी पैदा होता हैए तनाव से भी कई बिमारियां होती हैए लेकिन उक्त सभी मामले भाईचारे से मिलकर हल किये जा सकते है ।
उन्होनें बताया कि हमें अपने घर मे व्यक्तिगत शौचालय का इस्तेमाल नियमित रूप् से करना चाहिए तथा घर व आस.पास के वातावरण मे फैले सुखे कूड.कर्कट को कचरे से कमाई के शैड अथवा अपने घरों मे सूखे व गीले कचरे के लिए अलग.अलग कुडादान रखकर उसका सही निपटान करना चाहिए। इसके साथ.साथ घरों से निकलने वाली तरल गन्दगी अथवा गन्दे पानी को शौचालय के बाहर लीच पीटस व् सोकेज पीट का निर्माण करके दूर कर सकते है। उन्होंने लोगो को स्वच्छता के प्रति पुन. जागरूक करते हुए उन्हें व्यक्तिगत शौचालयों का नियमित प्रयोग खाना खाने से पहले व शौच के बाद साबुन से हाथ धोने घरों से निकलने वाले कचरे का सही प्रबन्धन करने व उचित निपटान करने घरों से प्रयोग उपरान्त निकलने वाले काला व धुसर पानी का सही प्रबन्धन करने बारे तथा गांव व आस.पास के क्षेत्र को प्लास्टिक फ्री रखने मे सहयोग करने इत्यादि बारे मुद्दों को दिन.प्रतिदिन करने हेतु स्वच्छता का संदेश जन.जन तक पहुचाना है  ताकि लोगों की मानसिकता मे निरन्तर बदलाव से गांव समाज व देश मे स्वच्छता एक आंदोलन के रूप् मे उजागर होते हुए एंक स्वस्थ एंव स्वच्छ भारत का निर्माण होगा मोके पर नरेश कुमार ग्राम सचिव,हरप्रीत पंचायत प्रतिनिधी देवी दयाल पुनम सोमी ओमवती राजेंद्र दीपक मंदीप रवि इत्यादि ने भाग लिया।

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