फसल अवशेष प्रबंधन के लिए हरियाणा में खर्च होंगे 215 करोड़ : विधायक 

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यमुनानगर। विधायक घनश्याम अरोड़ा ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधनmla को लेकर राज्य सरकार द्वारा एक विशेष कार्य योजना तैयार की गई है। इस कार्य योजना के तहत हरियाणा प्रदेश में कस्टम हायरिंग सैंटर स्थापित करवाये जा रहे हैं। इस कार्य योजना को सिरे चढ़ाने के लिए 215 करोड़ रूपये की राशि खर्च की जायेगी। विधायक ने यह जानकारी गुरुवार को ज़िला कृषि विभाग के कार्यालय में  आयोजित एक कार्यक्रम में दी।
यहाँ उन्होंने २ गाड़ियों को भी झंडी दिखा के रवाना किया जो ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किसानों को फ़सल अवशेष प्रबंधन की जानकारी भी देंगी। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने की रोकथाम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा खूब प्रयास किये जा रहे है। इस उद्देश्य में सफलता हासिल करने के लिए सरकार द्वारा एक विशेष कार्य योजना तैयार की गई है। इस कार्य योजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर कस्टम हायरिंग सैंटर स्थापित करवाये जायेंगे ताकि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन हो सके और किसान उन्हें न जला पाये। विधायक ने यह भी बताया कि अगर किसान फ़सल को जलाने की बजाए उसको खेत में इस्तेमाल करें तो इससे ज़मीन और उपजाऊ हो सकती है। उन्‍होंने यह जानकारी दी कि सरकार फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के लिए 50-80 प्रतिशत की दर से सब्सिडी मुहैया करा रही है। इन मशीनों से फसल अवशेष को मिट्टी के साथ मिश्रित करने में किसानों को मदद मिलती है, जिससे इसे और ज्‍यादा उत्‍पादक बनाना संभव हो पाता है। मौक़े पर नीतीश दुआ, रोहित हरजाइ आदि मौजूद थे।

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