राष्ट्रीय संत तरुण सागर जी महाराज ने त्यागा शरीर

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जैन स्थानक में हुआ विशेष शांति सभा का आयोजन
यमुनानगर। मॉडल टाऊन जैन स्थानक के सभागार में अपने कड़वे प्रवचनों के लिये प्रसिद्ध व राष्ट्रीय संत क्रांतीकारी मुनि श्री तरुण सागर महाराज के  देहावलोन पर विशेष शांति सभा का आयोजन महासाध्वी श्री कमलेश जी महाराज साहब की सुशिष्या महासाध्वी श्री विशवास जी महाराज साहब व सुसाध्वी श्री आरजु जी महाराज साहब की अध्यक्षता में किया गया। सभा को संबोधित करते हुये साध्वी समूह ने बताया कि मुनी श्री तरुण सागर जी महाराज कड़वे प्रवचनों के माध्यम से हजारों लोगों के जीवन की कड़वाहट को दूर करके उनके जीवन को खुशहाल बनाया। उन्होंने कहा कि मात्र 13 वर्ष की उम्र में संन्यास लेकर, 20 वर्ष की उम्र में मुनि दीक्षा ग्रहण कर 33 वर्ष की आयु में आम लोगों के बीच से अपने कड़वे प्रवचनों के कारण देश की कई विधान सभाओं व लोक सभा तक पहुँचे। उन्होंने समाज को अपने जागरुक प्रवचनों जागरुक किया।
संत मुनि श्री तरुण सागर जी महाराज जब तक जिये उन्होंने हजारों रिकार्ड बनायें, इतना ही नहीं अंतिम समय में पूरी चेतना के साथ अन्न व जल का त्याग किया, समस्त परिग्रह का त्याग किया और अपना आदर्श कामयम रखते हुये सभी के प्रति क्षमा का भाव बनाये रखा, सभी से क्षमा मांगी और सभी को क्षमा किया। साध्वी जी ने आगे कहा कि ऐसे विमल परिणामों के साथ मृत्यु को मृत्यु महोत्सव में परिवर्तित करने वाले इस युग के महान संत आज हमारे बीच नहीं रहे। इस अवसर पर ाारतीय जैन मिलन, दिग बर जैन समाज, स्वेता बर जैन समाज, स्थानक वासी, तेरापंथी आदि चारों आमनाओं के पदाधिकरीे व शहर गणमान्य व्यक्ति व महिलायें उपस्थित रही।

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