नाचरौन में अब तक शुरू नहीं हुआ सरकारी आईटीआई बनने का कार्य

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यमुनानगर (रादौर)। उद्योग मंत्री विपुल गोयल के दावों के बावजदू आज तक गांव नाचरौन में 8 एकड पंचायती भूमि पर 6 करोड रूपए की लागत से बनने वाली सरकारी आईटीआई बनने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। 29 जनवरी 2018 को उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने उपरोक्त भूमि पर सरकारी आईटीआई बनाने के लिए शिलान्यास किया था।  मंत्री की ओर से एक वर्ष में सरकारी आईटीआई बनकर तैयार किए जाने के दावे किए गए थे। लेकिन 6 महीने बीत जाने के बावजूद आज तक सरकारी आईटीआई बनने का कार्य तक शुरू नहीं हो पाया है।

गांव नाचरौन में आईटीआई बनाने के लिए अधिग्रहण की गई भुमि पर ग्रामीणों ने डाली गोबर की कुरडियां।
गांव नाचरौन में आईटीआई बनाने के लिए अधिग्रहण की गई भुमि पर ग्रामीणों ने डाली गोबर की कुरडियां।

इसको लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। क्षेत्र निवासी राधेश्याम, संदीप कुमार, पवन नाचरौन, शिवकुमार, विक्की, दिनेशकुमार ने बताया कि भाजपा सरकार की ओर से रादौर क्षेत्र के गांव नाचरौन में 6 महीने पहले सरकारी आईटीआई बनाने को लेकर शिलान्यास करवाया गया था। जिससे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड पडी थी। महीनों बीत जाने के बावजूद भी आईटीआई बनने को लेकर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में क्षेत्र के युवा निराश है। युवाओं ने बताया कि क्षेत्र में सरकारी आईटीआई की सख्त जरूरत है। यदि जल्द से जल्द आईटीआई बने तो युवाओं को लाभ मिलेगा। देरी से आईटीआई बनने का काम शुरू होने पर क्षेत्र के युवाओं को आईटीआई का लाभ  भी देरी से मिलेगा। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि आईटीआई बनने वाली जगह पर जंगली घास खडी हुई हेै और लोगों ने उपरोक्त भूमि पर गोबर डालना शुरू कर दिया है। इस बारे पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ जगमालसिंह ने बताया कि विभाग की ओर से नाचरौन में आईटीआई बनाने को लेकर भवन के डिजाईन का टैंडर लगाया गया है। जो कम रेट पर भवन का टैंडर देगा उसे डिजाईन बनाने का अवसर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया पुरी होने के बाद आईटीआई बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। डिजाईन न होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। 

 गांव नाचरौन में आईटीआई बनाने के लिए अधिग्रहण की गई जगह पर उगी जंगली घास। 

गांव नाचरौन में आईटीआई बनाने के लिए अधिग्रहण की गई जगह पर उगी जंगली घास

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