आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमन्त्री जन अरोग्य योजना

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यमुनानगर।  उपायुक्त गिरीश अरोरा ने बताया कि राज्य सरकार ने 100 बिस्तरों के मुकुंद लाल सिविल हस्पताल यमुनानगर को 200 बिस्तरों का हस्पताल बनाने के लिए मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार ने यह मंजूरी सीएम एनाउंसमैण्ट के तहत दी है।
उपायुक्त गिरीश अरोरा ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यमुनानगर जिला के लोगों की लम्बे समय से की जा रही मांग को मानते हुई पूर्ण की है और इस 200 बिस्तरों के हस्पताल का शिलान्यास भी माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने अपने कर कमलों से कर दिया है। उन्होंने बताया कि मुकुंद लाल सिविल हस्पताल के 200 बिस्तरों के अस्पताल के निर्माण पर 2 करोड़ 64 लाख 81 हजार रूपये से भी ज्यादा की राशि खर्च होगी इसकी स्वीकृति भी राज्य सरकार ने प्रदान कर दी है तथा हस्पताल के लिए नए पदों को भी स्वीकृति दी है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने गत चार वर्षों के दौरान जिला यमुनानगर को कई बड़ी योजनाओं की सौगाते दी है। इनमें से असख्ंय योजनाए करोड़ो रूपये की राशि से पूर्ण हो गई है और करोड़ो रूपये की राशि से ही कई बड़ी परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लोगों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक है तथा लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण योजनाए भी चलाई गई है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर व छछरौली में सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के नए भवन बनाए जा रहे है।
श्री अरोरा ने बताया कि जनहित में आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमन्त्री जन अरोग्य योजना माननीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की प्रिय व महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना है और यह अब तक विश्व की सबसे बड़ी योजना है। इस योजना के अन्तर्गत प्रति वर्ष प्रति परिवार को 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। देश में मैडिकल का 80 प्रतिशत खर्च लोग अपनी जेब से उठाते हैं। इस खर्च का बोझ आम आदमी पर न पड़े इसलिए सरकार ने आयुष्मान योजना लागू की है, जिसका लाभ देश के ऐसे गरीब व पिछड़े तबकों को मिलेगा जो अपनी चिकित्सा का भार उठा पाने में सक्षम नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में देश के 71.74 करोड़ परिवारों को अस्पतालों में ईलाज का खर्च नहीं देना होगा। यह परिवार 5 लाख रूपये तक का ईलाज मुफ्त में करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना से हर परिवार में औसतन 5 सदस्यों के हिसाब से देश के 50 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे है व इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा सरकार प्रदेश के लगभग 15 लाख 51 हजार परिवारों को लाभ होगा। कुछ परिवारों को लाभ मिल चुका है।
उपायुक्त गिरीश अरोरा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमन्त्री जन आरोग्य योजना में ग्रामीण क्षेत्र के सुविधाहीन परिवारों और शहरी क्षेत्रों के कुछ तय पेशों में लगे परिवार शामिल किए गए हैं। ग्रामीण व शहरी दोनों ही क्षेत्रों में लाभार्थी परिवारों को तय करने के लिए सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना-2011 के आंकड़ों को आधार बनाया गया है। जिला यमुनानगर में सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना-2011 के सर्वे के अनुसार शहरी व ग्रामीण के लगभग 92680 पात्र परिवार ऐसे हैं, जिनका डाटा ऑनलाईन दर्ज किया जा रहा है तथा जिला में आयुष्मान मित्र भी नियुक्त कर दिए गए हैं, जो इन लाभार्थियों का पंजीकरण से लेकर चिकित्सा तक हर प्रकार की सुविधा मुहैया करवाने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत अभी तक यमुनानगर जिले के सरकारी क्षेत्र के पांच अस्पतालों को व निजी क्षेत्र के 14 अस्पतालों को मान्यता प्राप्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत के वांछित व पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुचाना है। इस कार्यक्रम में बी.पी.एल. परिवारों के अतिरिक्त इसमें ऐसे परिवारों को भी शामिल किया गया है, जिनका केवल एक कमरे का कच्चा मकान है या जिनके परिवार में 16 से 59 वर्ष तक का कोई व्यक्ति नही है या ऐसी महिला का परिवार जिसमें 16 से 59 आयु तक का कोई पुरूष सदस्य नहीं है। ऐसा दिव्यांग परिवार जिसमें कोई सामान्य व्यक्ति नहीं है, अनुसुचित जाति व जनजाति के परिवार या भूमिहीन परिवार जो मजदूरी करते हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र से कूडा बीनने वाले, भिखारी, घरों में काम करने वाले, रेहडी वाले, मोची, मजदूर, इत्यादि व्यक्ति भी व्यवसायिक कर्मचारियों की श्रेणी में होते हुये इस योजना के लाभार्थी बने हैं।
श्री अरोरा ने आगे बताया कि आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमन्त्री जन अरोग्य योजना में लागत को नियन्त्रित करने के लिए पैकेज दर के आधार पर ईलाज के लिए भुगतान किया जाएगा। पैकेज दर में ईलाज से सम्बन्धित सभी लागत शामिल होगी। लाभार्थियों के लिए यह सुविधा कैशलैस व पेपरलैस लेन-देन की है। अस्पताल में दाखिल होने से पहले और छुट्टïी होने तक 1350 मैडिकल पैकेज, दवाईयां व जांच की सुविधा उपलब्ध है। पात्र परिवार में सदस्यों की गिनती व आयु को लेकर कोई सीमा तय नहीं है व पात्र परिवारों को न तो कोई पंजीकरण फीस देनी होगी और न ही प्रीमियम भुगतान करना होगा।

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