ओजोन गैस की परत है धरती का कंबल: बवेजा

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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कै प में  मनाया गया विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस 

यमुनानगर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कै प में विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस मनाया गया। विद्यालय के विज्ञान अध्यापक व प्राध्यापकों ने बच्चों को वायुमंडल में ओजोन परत के महत्व एवं इसके संरक्षण बारे बताया गया। विद्यालय में प्रधानाचार्य परमजीत गर्ग की अध्यक्षता में जामुन ईको क्लब व सी वी रमन विज्ञान क्लब के सयुंक्त तत्वाधान में एक ‘ओजोन विचार गोष्ठि’ का आयोजन किया गया। विज्ञान अध्यापक दर्शन लाल ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि वायुमंडल की ऊपरी परत में आक्सीजन के अलावा एक अन्य गैस ओजोन है जिस कारण हम मनुष्य जिंदा हैं और पृथ्वी पर समस्त जीवन का अस्तित्व है।
एक सुरक्षा कवच की तरह ओजोन परत घातक पराबैंगनी विकिरणों को अवशोषित करके पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है। ओजोन परत की क्षति मनुष्यों समेत जीव जंतुओं को त्वचा का कैंसर, नेत्र रोग मोतियाबिंद, असमय झुर्रियां, सनबर्न, शरीर में रोगों से लडऩे की क्षमता कम हो जाना, जैवविविधता पर असर पडऩा, फसलों का नष्ट हो जाना, सूक्ष्म जीवन पर प्रभाव, समुद्री वनस्पति जीवन पर घातक असर, मछलियों व अन्य जलीय प्राणियों की संंख्या कम हो जाना, बीजों के अंकुरण का समय बढ़ जाना, फसल उत्पादन कम होना, नम भूमि की फ़ूड चैन को असन्तुलित करना विरंजक गतिविधि जैसे पेंट व कपड़ों के रंगों को उड़ाना, प्लास्टिक का फर्नीचर, पाइपों का तेजी से खराब होना आदि समस्याओं को जन्म देगा।
क्या उपाय कर सकते हैं विद्यार्थी ?
सर्वप्रथम जागरूकता का संचार, वृक्षारोपण, जीवाश्म ईंधनों का कम उपयोग, पर्यावरण प्रदूषण को कम करना, सीएफसी युक्त उत्पादों में कटौती,  किचन गार्डन व बगीचे में पौधें लगा अपने स्तर पर ओजोन परत को बचाने के प्रयास कर सकते है। मौके पर प्रवक्ता भौतिकी रोहताश राणा, राकेश मल्होत्रा, चंद्रशेखर, प्रवक्ता रसायन पंकज मल्होत्रा, ममता शर्मा, प्रवक्ता जीवविज्ञान वीरेन्द्र कुमार सहित सभी शिक्षक मौजूद रहे।

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